बजट 2019: यात्री किराए और माल भाड़े में कोई बढ़ोतरी नहीं, जानें रेलवे को क्या मिला

वित्त मंत्री पीयूष गोयल (piyush goyal) द्वारा शुक्रवार को पेश किए गए अंतरिम बजट (interim budget) में यात्री किराए एवं माल भाड़ा शुल्क में कोई वृद्धि नहीं की गई। बजट में रेलवे के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्‍यय आवंटन की घोषणा की गई। यह रेलवे के लिए अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक पूंजीगत खर्च की योजना है। इस साल अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने हैं। इसके मद्देनजर किराए के बढ़ने की अपेक्षा नहीं की जा रही थी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पिछले साल अपने बजट में रेलवे के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए थे। रेल मंत्री का प्रभार भी संभाल रहे गोयल ने बजट भाषण में रेलवे के लिए की ये घोषणाएं:- 

Budget 2019: जानिए 5 लाख से ऊपर वालों को कितना देना होगा टैक्स

1- भारतीय रेल के लिए वर्ष 2018-19 अब तक सबसे सुरक्षित साल रहा है और बड़ी लाइनों वाले नेटवर्क पर सभी मानवरहित लेवल क्रॉसिंग को समाप्‍त कर दिया गया है।

2- आगामी वित्त वर्ष के लिए रेलवे के लिए 1.58 करोड़ रुपए का पूंजीगत व्यय कार्यक्रम है, जो अब तक की सर्वाधिक राशि है। स्‍वेदश में विकसित सेमी हाई-स्‍पीड ‘वंदे भारत एक्‍सप्रेस का परिचालन शुरू होने से भारतीय यात्रियों को तेज रफ्तार, बेहतरीन सेवा एवं सुरक्षा के साथ विश्‍वस्‍तरीय अनुभव होगा।

3- हमारे इंजीनियरों द्वारा पूर्ण रूप से विकसित प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लगाई गई इस उल्‍लेखनीय ऊंची छलांग से ‘मेक इन इंडिया को काफी बढ़ावा मिलेगा और इसके साथ ही रोजगारों का सृजन भी होगा।

4- बजट अनुमान के अनुसार वित्त वर्ष 2019-20 के लिए रेलवे की कुछ आय 2,72,705.68 करोड़ रुपए है जो वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 2,49,851.01 करोड़ रुपए के संशोधित अनुमान से 22,854.01 करोड़ रुपए अधिक है। 

5- बजट में नई लाइनों के निर्माण के लिए 7255 करोड़ रुपए की निधि आवंटित की गई है, 2200 करोड़ रुपए आमान परिवर्तन, दोहरीकरण के लिए 700 करोड़ रुपए, रॉलिंग स्टॉक के लिए 6114.82 करोड़ रुपए और सिग्नल एवं दुरसंचार के लिए 1,750 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

6- मौजूदा वित्त वर्ष के लिए परिचालन अनुपात सुधर कर 96.2 प्रतिशत हो गया है और अगले वित्त वर्ष में इसे 95 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। 

8- रेलवे का नियोजित व्यय वर्ष 2013-14 के स्तर से 148 प्रतिशत अधिक हो गया है।    

9- यात्री सुविधाओं के विकास के लिए कुल 3422 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं जो रेल उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए करीब 1000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय है।

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